Ramanujan college 🖥

Ramanujan college

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  रामानुजन की कुछ जानकारी दुगा जो आपको बहुत पसंद आएगी ये जानकारी पाकर आपको बहुत अच्छा लगेगा आपको काफी अच्छी जानकारी मिलेगी आपके बहुत कम आएगी आपके फ्यूचर के लिए बहुत अच्छी बात है आपको में कुछा ऐसी बाते बताउगा जो रामानुजन के ऊपर है सिरिनिवासा रामानुजन की जानकारी पाकर आपके होश उड़ जायेगे 

Ramanujan college 🖥  लोग ये जानते होगे की रामानुजन को पड़ना बहुत पसंद था और उनका पसंदीदा सब्जेक्ट गणित था उनका गणित में कोई भी हाथ नहीं पाकर सकता था उनकी पढ़ाई को लेकर आपको और भी जानकारी मिलेगी की उनकी पढ़ाई कैसी थी और उनक माइंड बहुत तेज्जे दिमाग था गणित में उनक कंप्यूटर से भी ज्याद था बड़े बड़े गणित बड़ी आसानी से शुल्जालेते थे ये 

Jankali रामानुजन ने अपनी कोणी को सुजा लिया था आपा पूछे गए की कैसे सुजा या था उनोने बहुअत गाली भी में पादै की थी यो हमेसा अपनी कोणी से पड़ी को पोछा करते थे यू अहमेसा पड़ी पे लिखा करते थे और अपने कोणी से पड़ी को 10 साल तक पोछा ने पे उनकी कोणी बहुत जड़ी होगईथी और उनकी कोणी का आप्रेसन करने की नौबत आगयी थी उनक आप्रेसन करना पड़ा 

और जबा उनको पता चल की उनकी मोत होनेवाली है तो उन अपने दिमाग में जो गणित छुपा कर रखा था यह उन एक पाणे पर लिखा दिया था उन अपने पेट पर किताब रखकर लिखा था उन मरते मरते उन लिखा था उन जितना कोई अपनी पूरी जिंदगी में सायदा कोई लिखा पात और उन इत्ती एस्पीड में लिखा था की जैसे की कोई मशीन ने लिखा होगा इत्ती एस्पीड में कोई और नाही लिखा सकता है 

और जबी कोई भी उनका दिया हुआ गणित किसी को देते है तो नहीं सुलझ पता है उनके गणित बहुत मुसकिल होते है बड़े से बड़े दिमागवाले भी सुलझ नहीं पते 

Ramanujan Mahatvpurn jankari 

रामानुजन की 32 साल की उम्र में हुईथी मृत्यु उनका जन्म हुआत 22 दिसंबर 1887 में उनकी और भी जानकारी दुगा उनका जन्म तमिलनडु के इरोड सहर में हुआत आपको जानके बड़ी हैरानी की उनकी उम्र बहुत छोटी थी जबसे ही यह अपने दोस्तों को पड़ने लग गए थे और अपने बरोबर के उम्र वालो को भी पड़ने लगा गए थे और एक बात और है की हमको पता चल की यो 7 वि में आते आते उनका ज्ञान इत्ता न तेज होगया था की यो अपने से बड़े लड़को को पड़ने लगे थे 11 वि और 12 वि क्लास को पड़ने लगे थे उनकी बढ़ती दिमागी सकती देखा कर बड़े सेबड़े दिमाग दर हैरान हो जाते थे और इनको ७ वि से निकल कर 11 वि में भी रखना छाते थे सर लोग उनके लेकिन उन नाही बोल दिया की में 7 वि से आगे बढ़ना चाहत हु इनकी यह बात सुनके सर बहुत खुश हु ये और भी जानकारी आपको मिलेगी और उनके सवालो का कोई बी जवाब नाही होता था उनके सवाल ही इत्तने मुश्किल होते ते की उनका कोई मुकबला नहीं 

रामानुजन को गणित बहुत पसंद था उनकी ये बात से पता लगा सकते है ये 24 घड़े तक पड़ते थे और भी अच्छी बाते है उनके बारे में में आपको यो भी बात ऊगा रामानुजन मन्ना ये भी था की गणित करना उनको बहुत अच्छा लगता है ये हमेसा 24 घड़े गणित के बारे में ही सोचते रहते थे उनका मन्ना ये भी था की यो है एक बार सास लेना बुल सकते है लेकिन गणित नहीं बुल सकते है रामानुजन की एक और बात है उनका कहने है की यो हमेसा रात में उनको गणित के सपने आते फिर उनको दूसरे दिन किताब में लिख देते है रात में यो कुछ न कुछ लिखते रहते थे गणित को सपनो समझते रहते है और गणित को उनके इलावा की सी दूसरे को समज नहीं आते थे समज तो लेते थे लेकिन दौड़े टाइम से 

फिर यह डोर सन्न 1898 जब उनने हाई स्कूल में दागीला लिया था तो वह उनको एक और बड़े गणितज्ञ मिले 











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